सॉफ्टवेयर की दुनिया में अपने झंडे गाडऩे के बाद अब भारत चिप बनाने वाले चुनिंदा देशों की अहम दुनिया में भी दस्तक दे रहा है। इस मुहिम में भारत का उद्योग जगत तकरीबन 5 साल से जुटा हुआ था। ऐसे संयंत्र लगाने के लिए भारत के पास क्षमता भी जबरदस्त है। एक अनुमान के मुताबिक भारत में इस वक्त सॉफ्टवेयर डिजाइन, चिप डिजाइन और बोर्ड डिजाइन में महारत रखने वाले तकरीबन 1,30,000 पेशेवर मौजूद हैं। इसके अलावा नए संयंत्र में बनने वाले एक-एक उत्पाद को खपा लेने की क्षमता भी देसी बाजार में है। इसलिए भारत चिप बनाने वालों के समूह में सीधे चोटी तक जाने की कुव्वत रखता है।
बिज़नेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, भारत में चिप संयंत्र लगाने की अपनी योजना का सरकार कुछ ही अरसे में ऐलान कर सकती है। चिप बनाने का अत्याधुनिक संयंत्र लगाने में तकरीबन 300 करोड़ डॉलर खर्च होंगे। सरकार की ओर से जब तक जबरदस्त रियायत और वित्तीय मदद नहीं मिलती, तब तक ऐसे संयंत्र की बुनियाद डालना मुमकिन नहीं है।
चीन, ताइवान और इजरायल में फिलहाल चिप बनाने के बड़े संयंत्र हैं। लेकिन इन सभी को उनकी सरकारों का पूरा समर्थन मिला है। दुनिया भर के चिप बाजार में ताइवान की 47 फीसदी हिस्सेदारी है।
सौजन्य: बिज़नेस स्टैंडर्ड
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment