किसी भी कंप्यूटर की कार्य क्षमता में उसकी 'मेमोरी' (रैम) बहुत महत्वपूर्ण होती है। पर दिक्कत यह आती है कि एक तो कंप्यूटर की रैम बहुत महंगी होती है और दूसरा इसे कंप्यूटर खोलकर फिट करना पड़ता है। ऐसे में रैम का 'अपग्रेडेशन' झंझट वाला काम लगता है। इसका हल, 'राजीव शर्मा' वेबदुनिया पर बताते हैं।
आजकल कुछ ऐसे खास सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जिनकी मदद से पेन ड्राइव का इस्तेमाल करके आप अपने कंप्यूटर की कार्य क्षमता में आश्चर्यजनक ढंग से बढ़ोतरी कर सकते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज विस्टा व विंडोज-7 की 'रेडीबुस्ट' तकनीक के अलावा अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए 'ईबुस्टर' जैसे सॉफ्टवेयर पेन ड्राइव के जरिए कंप्यूटर को नई गति देने का काम कर रहे हैं। इनकी सहायता से बार-बार इस्तेमाल होने वाली फाइल, एप्लीकेशन या प्रोग्राम अपेक्षाकृत ज्यादा तेजी से चलाए जा सकते हैं।
इस तकनीक से जुड़े सॉफ्टवेयर इस बात का ध्यान रखते हैं कि आप किस प्रोग्राम को ज्यादा चलाते हैं। इन्हें वे मेमेरी या 'वर्चुअल मेमेरी' के एक भाग में 'रिजर्व' करके रख लेते हैं। फिर जब भी आप उसके लिए कमांड देते हैं तो वे सीधे इस मेमोरी से ही चलते हैं। इससे कंप्यूटर के काम करने की गति तेज हो जाती है। यही वजह है कि अधिक मेमोरी होने से कंप्यूटर की गति तेज लगती है। इस तकनीक से कंप्यूटर के 'बूट' (स्टार्ट) होने की गति भी पहले की तुलना बढ़ जाती है।
सौजन्य: वेबदुनिया
Saturday, December 18, 2010
नौकरी के साथ, नौकर फ्री!
गूगल ने घोषणा की है कि वो अपने कर्मचारियों को कंपनी की ओर से घरेलू नौकर की सुविधा देगी ताकि वो अपने काम पर और ज्यादा ध्यान दे सकें।
इस काम के लिए गूगल ने टास्करेबिट नाम की कंपनी से अनुबंध किया है जो यूजर्स को ऐसे ऑनलाइन जॉब बोर्ड पर एक्सेस देती है जहाँ से वो किसी भी काम के लिए नौकरों को भाड़े पर बुला सकते हैं।
दरअसल मंदी के दौर से उबरने और अपने स्टाफ में भारी कटौती करने के एक अर्से बाद गूगल प्रतिभाशाली इंजीनियर्स को अपने साथ काम करने के लिए आकर्षित करना चाहती है। और जाहिर सी बात है कि ऐसे टेलेंटेड इंजीनियर्स, लॉन्ड्री में कपड़े देने या कार धोने जैसे कामों पर अपना बहुमूल्य समय नष्ट नहीं करना चाहेंगे।
सौजन्य: वेबदुनिया
इस काम के लिए गूगल ने टास्करेबिट नाम की कंपनी से अनुबंध किया है जो यूजर्स को ऐसे ऑनलाइन जॉब बोर्ड पर एक्सेस देती है जहाँ से वो किसी भी काम के लिए नौकरों को भाड़े पर बुला सकते हैं।
दरअसल मंदी के दौर से उबरने और अपने स्टाफ में भारी कटौती करने के एक अर्से बाद गूगल प्रतिभाशाली इंजीनियर्स को अपने साथ काम करने के लिए आकर्षित करना चाहती है। और जाहिर सी बात है कि ऐसे टेलेंटेड इंजीनियर्स, लॉन्ड्री में कपड़े देने या कार धोने जैसे कामों पर अपना बहुमूल्य समय नष्ट नहीं करना चाहेंगे।
सौजन्य: वेबदुनिया
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