Wednesday, December 15, 2010

खोज हीरों से भरे ग्रह की!

भारतीय मूल के अमेरिकी सौरविज्ञानी निक्कू मधुसूदन ने एक ऐसे विशालकाय ग्रह की खोज की है, जिसके गर्भ और वातावरण में कार्बन की बहुलता है. इससे इस बात की संभावना बढ़ी है कि इस ग्रह पर हीरों जड़ित सितारे मौजूद हैं.

विज्ञान जर्नल 'नेचर' के अनुसार वैज्ञानिकों ने बताया कि डब्ल्यूएएसपी-12बी नाम का यह ग्रह पृथ्वी से करीब 1,200 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है. वैज्ञानिक मधुसूधन ने कहा कि बृहस्पति ग्रह की तरह डब्ल्यूएएसपी-12बी मुख्य तौर पर गैसों से निर्मित है लेकिन इसके गर्भ में कार्बन युक्त हीरे और ग्रेफाइट की बहुलता है.

डब्ल्यूएएसपी-12बी से निकलने वाली ऊर्जा का सबसे पहले पता वर्ष 2009 में लगा था जब वैज्ञानिकों ने अमेरिकी अंतरिक्ष केंद्र-नासा के स्पिट्जर स्पेस टेलीस्कोप की मदद से इस ग्रह से निकलने वाले प्रकाश को देखा था.

सौजन्य: समय

2012 में बंद हो जाएंगे मोबाइल फोन?

विशेषज्ञों का मानना है कि 2012 में, सूर्य के ध्रुव पर इसका चुम्बकीय क्षेत्र 50 सालों में सबसे शक्तिशाली होगा, जिसके कारण चुम्बकीय क्षेत्र नियमित से अधिक रफ्तार के कारण चलायमान होगा। इस परिस्थिति में, मोबाइल फोन, ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) और राष्ट्रीय ग्रिड भी बंद हो जाएंगे।

नासा के वैज्ञानिकों का मानना है कि 2000 के बाद एक बार फिर 2012 में 'सोलर मैक्सिमम' से इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को खतरा है।

यह शक्ति 1958 के बाद सर्वाधिक तीव्र स्तर पर होगी। 1958 में इस शक्ति के कारण सर्वाधिक दिक्कत मैक्सिको के लोगों को उठानी पड़ी थी।

सौजन्य: नवभारत टाइम्स